रवीश की रिपोर्ट: ताई के बाद किस भाई का होगा इंदौर?

सोलहवीं लोकसभा में सुमित्रा महाजन कई मौक़ों पर बीजेपी सांसदों पर अपनी ममता लुटाती रहीं. कई बहसों के दौरान वो विपक्ष को फटकारती देखी गईं. इंदौर को उन्होंने बीजेपी का किला बना दिया. 25 साल तक वो सांसद रहीं, आठ बार चुनी गईं. लेकिन 2019 में उन्हें लगा कि उनकी ही पार्टी उनकी उपेक्षा कर रही है. उन्होंने पहले ही चुनाव न लड़ने का एलान कर दिया. इस एलान के बाद इंदौर की लड़ाई बहुत दिलचस्प हो गई है. दोनों दलों के समर्थक कह रहे हैं कि यहां सीधा मुकाबला राहुल और नरेंद्र मोदी के बीच का है. शायद इसलिए पहले मोदी ने यहां सभा को संबोधित किया तो दूसरे ही दिन प्रियंका गांधी रोड शो के लिए इंदौर पहुंच गईं.

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