राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने भी वंदे मातरम वाले प्रसंग पर ट्वीट किया है. उनकी पार्टी के नेता शिवानंद तिवारी का कहना है कि अगर उस मंच पर अब्दुल बारी सिद्दीकी होते और वंदे मातरम के समय हाथ न उठाते तब क्या होता. क्या बीजेपी चुप रह जाती. अगर यही बयान शाहिद सिद्दीकी का होता कि वंदे मातरम का नारा नहीं लगाएंगे तो आप देखते कि बीजेपी के नेताओं के बयान कितने आक्रामक हो जाते. वैसे शाहिद सिद्दीकी को वंदे मातरम से एतराज़ नहीं है.
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